लॉकडाउन में शनिवार को किराना, प्रोविजन स्टोर, मेडिकल स्टोर, सब्जी, दूध, डेयरी पर सुबह से लाइन लगी तो सुबह दस बजते ही बैंकों के बाहर ग्राहकों की भीड़ जमा हो गई। बैंकों के बाहर पहुंचने वाले अधिकांश लोग पेंशन या जनधन योजना में आए पैसों को निकालने के लिए जुट गए थे। हर स्थान पर पुलिस और सेक्टर मजिस्ट्रेट और अन्य अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी।
हर जगह सोशल डिस्टेंशिंग का पालन करने में अधिकारियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। बैंकों के बाहर बनाए गए चूने के गोले से लोग बाहर निकल गए। पूरे दिन अधिकारियों की गतिविधियां तेज रहीं। पुलिस अधिकारियों ने भी शहर से देहात तक अपनी दौड़ जारी रखी। इस दौरान जिले में लॉकडाउन उल्लंघन के ९ मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
डीएम चंद्रभूषण सिंह, झा और एसएसपी मुनिराज ने लगातार हरेक गतिविधि की समीक्षा, उचित निर्देश देने और जरूरतमंदों को खाना उपलब्ध कराने में पूरा ध्यान लगा दिया है। शहर से देहात तक जरूरतमंदों को खाना, राशन सामग्री उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी थानावार मजिस्ट्रेट को सौंप दी है। नगर निगम और आईएमए के सहयोग से स्थापित टेली मेडिसिन सेंटर में भी दर्जनों लोग घर बैठे इलाज की सुविधा ले रहे हैं। जिला प्रशासन की तमाम व्यवस्थाओं के बीच शहर से देहात तक राशन और खाने की मांग बढ़ रही है।
जिला स्तर पर स्थापित कोरोना कंट्रोल रूम में भी इसकी शिकायतें आ रही हैं। जिस पर डीएम ने थानावार मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी तय कर दी है। सख्ती और बढ़ा दी गई है। इसी क्रम में शनिवार को कोतवाली में तीन, क्वार्सी में चार, गांधीपार्क में एक और छर्रा में एक मुकदमा लॉकडाउन उल्लंघन में दर्ज किया गया है।