कोरोना वायरस के चलते केंद्र व राज्य सरकार की ओर से लागू 21 दिन के लॉकडाउन में दूसरे राज्यों के 42087 लोग विभिन्न जिलों में फंस गए हैं । राज्य सरकार की ओर से जारी किए गए आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे अधिक 25000 लोग देहरादून में फंसे हुए हैं।
लॉकडाउन के चलते गाड़ियों का संचालन ठप होने की वजह से ये लोग अपने अपने राज्यों में नहीं जा पा रहे हैं । जबकि इन लोगों द्वारा राज्य सरकार से लगातार सुरक्षित बाहर निकालने की अपील की जा रही है ।
तमाम जिलों की ओर से कंट्रोल रूम को जो जानकारियां मुहैया कराई गई है, उसके मुताबिक देहरादून में 25000, हरिद्वार में 833 , टिहरी गढ़वाल में 4050, पौड़ी गढ़वाल में 1655, उत्तरकाशी में 2103 , चमोली में 2259, रुद्रप्रयाग में 207, नैनीताल में 59, उधम सिंह नगर में 305, चंपावत में 2568, पिथौरागढ़ में 1344, बागेश्वर में 1134 व अल्मोड़ा में 1570 लोग विभिन्न जगहों में फंसे हुए हैं।
लॉकडाउन के चलते गाड़ियों का संचालन ठप होने की वजह से ये लोग अपने अपने राज्यों में नहीं जा पा रहे हैं । जबकि इन लोगों द्वारा राज्य सरकार से लगातार सुरक्षित बाहर निकालने की अपील की जा रही है ।
तमाम जिलों की ओर से कंट्रोल रूम को जो जानकारियां मुहैया कराई गई है, उसके मुताबिक देहरादून में 25000, हरिद्वार में 833 , टिहरी गढ़वाल में 4050, पौड़ी गढ़वाल में 1655, उत्तरकाशी में 2103 , चमोली में 2259, रुद्रप्रयाग में 207, नैनीताल में 59, उधम सिंह नगर में 305, चंपावत में 2568, पिथौरागढ़ में 1344, बागेश्वर में 1134 व अल्मोड़ा में 1570 लोग विभिन्न जगहों में फंसे हुए हैं।
विभिन्न जिलों में फंसे लोगों में उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश ,गुजरात, झारखंड, पश्चिम बंगाल ,जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों के लोग शामिल हैं, जो लॉकडाउन की वजह से गाड़ियों का संचालन नहीं होने की वजह से फंसे पड़े हैं।
हालांकि इन लोगों द्वारा राज्य सरकार व पुलिस प्रशासन से लगातार सुरक्षित बाहर निकालने की अपील की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उम्मीद थी कि 31 मार्च को राज्य सरकार की ओर से बसों का संचालन किए जाने से इन्हें थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन अब केंद्र सरकार ने बसों के संचालन पर रोक लगा दी है तो ऐसे में इनके निकलने का मामला दोबारा खटाई में पड़ गया है।
दूसरी ओर अधिकारियों द्वारा इन तमाम लोगों को समझाया जा रहा है कि जब तक लॉकडाउन है, तब तक यहीं रहें। अगर कोई परेशानी आए तो इसकी जानकारी स्थानीय प्रशासन को दें।
हालांकि इन लोगों द्वारा राज्य सरकार व पुलिस प्रशासन से लगातार सुरक्षित बाहर निकालने की अपील की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उम्मीद थी कि 31 मार्च को राज्य सरकार की ओर से बसों का संचालन किए जाने से इन्हें थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन अब केंद्र सरकार ने बसों के संचालन पर रोक लगा दी है तो ऐसे में इनके निकलने का मामला दोबारा खटाई में पड़ गया है।
दूसरी ओर अधिकारियों द्वारा इन तमाम लोगों को समझाया जा रहा है कि जब तक लॉकडाउन है, तब तक यहीं रहें। अगर कोई परेशानी आए तो इसकी जानकारी स्थानीय प्रशासन को दें।